*मेडिकल कॉलेज में अभी सुधार की आवश्यकता है।*
*(आलोक कुमार)*
*प्रमुख सचिव शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग।*
अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत एटा मेडिकल कालेज के निरीक्षण को एटा पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव आलोक कुमार ने निरीक्षण के दौरान दिखी खामियों को पत्रकारों के समक्ष रखते हुए कहा कि यहां पर अभी सुधार की आवश्यकता है।मेडिकल कालेज की बिल्डिंग के निर्माण में हो रही देरी पर उन्होंने बताया कि यह कार्य इस वर्ष के दिसम्बर माह में पूरा कर लिया जाएगा।दवाइयों और डॉक्टरों के विषय मे पूछे गए प्रश्न पर मुख्य सचिव ने बताया कि इसकी व्यवस्था हेतु सरकार पूरी तरह से कटिबद्व है,और शीघ्र ही इस समस्या का निदान भी हो जाएगा।मेडिकल कॉलेज में अधिकाश मरीजों को रेफर कर दिए, जाने के प्रश्न पर गंभीर होते हुए उन्होंने बताया कि इस समस्या के लिए यहाँ के स्टाफ से बातचीत कर इसको जल्दी ठीक किए जाने की मैं कोशिश करूंगा।मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की कमी के बारे में पत्रकारों द्वारा पूंछे गए प्रश्न पर मुख्य्य सचिव आलोक कुमार ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य की ओर मुख़ातिव होते हुए उनसे पूंछा तो बो बंगले झांकने लगे।इससे पूर्व सर्किट हाउस पहुंचे प्रमुख सचिव शिक्षा एवं चिकित्सा विभाग से मिलने पहुंचे पत्रकारों और मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य से नोकझोंक हो गई कारण कारण सिर्फ इतना था, कि प्रधानाचार्य को भय था,कि कहीं पत्रकार उनके द्वारा किए जा रहे घोटाले की जानकारी सचिव को न दे दें।बताते चले कि एटा स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की खबरे लगातार समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हो रही है।जो यहाँ तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों की खीज का कारण बना हुआ है।कुल मिलाकर शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य प्रमुख सचिव आलोक कुमार को मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं में खामियां अवश्य नजर आई।देखना यह है कि बामुश्किल से एटा को मिली मेडिकल कालेज की सौगात क्या यहाँ के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में सहायक होगा,या यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।यह भविष्य के गर्त में छिपा है।रिपोर्ट देवेंद्र शर्मा देवू।

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